Rajasthan Patrika Report : कुछ महिलाओं ने लगाए दुष्कर्म के झूठे आरोप

Rajasthan Patrika Report : कुछ महिलाओं ने लगाए दुष्कर्म के झूठे आरोप

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कुछ महिलाओं ने लगाए दुष्कर्म के झूठे आरोप

2017-03-09 10:23:04

जोधपुर ।

कुछ वर्ष पूर्व तक दहेज प्रताडऩा की शिकायतों में जहां दहेज की मांग को लेकर घरेलू प्रताडऩाओं के आरोप लगते थे, वहीं अब इसमें बदलाव आया है। पीडि़ताएं सख्त कार्रवाई के लिए छेड़छाड़ व दुष्कर्म के आरोप तक लगा रही हैं, ताकि पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे और उन्हें आसानी से जमानत न मिल पाए।

असल में घरेलू हिंसा या दुष्कर्म पीडि़त

यह बात अलग है कि पुलिस जांच में यह आरोप साबित नहीं हो पा रहे हैं। कई बार इसका खामियाजा उन पीडि़त महिलाओं को भुगतना पड़ता है, जो असल में घरेलू हिंसा या दुष्कर्म पीडि़त हैं।

कोर्ट में पेश करने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय पूर्व भादंसं की धारा 498ए के आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय नोटिस देकर चालान के साथ कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। यानि आरोपियों की सीधे गिरफ्तारी नहीं हो रही है। आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कराने के लिए नया तरीका खोज निकाला गया है।  प्रताडऩाओं की शिकायतों में देवर, जेठ, ससुर व ननदोई पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच में कई पीडि़ताएं मेडिकल करवाने तक से मुकर जाती हैं। आरोप भी साबित नहीं हो रहे हैं।

एसपी या डीसीपी के आदेश पर गिरफ्तारी

कुछ वर्ष पहले दहेज प्रताडऩाओं के मामलों में जांच के बाद दोषी पाए जाने पर वृत्ताधिकारी या पुलिस उपाधीक्षक आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश देते थे, लेकिन अब पुलिस अधीक्षक (एसपी) अथवा पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) से अनुमति लेनी आवश्यक है।

पुष्टि नहीं हो पा रही

‘दहेज प्रताडऩाओं की अधिकांश शिकायतों में छेड़छाड़ व दुष्कर्म के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाती है। कई पीडि़ताएं मेडिकल करवाने तक से मना कर देती हैं। एेसे आरोप गिरफ्तारी के लिए लगाए जा रहे हैं।

-पाना चौधरी, थानाधिकारी महिला थाना (पश्चिम) जोधपुर

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